रिपोर्ट-अब्दुल बारी राईन 

सहरानपुर।
सरकार चाहे कितना भी सड़कों के गड्ढा मुक्त होने का दावा करे, लेकिन शहर कस्बो की कई प्रमुख सड़कें ऐसी हैं जो बेहद खस्ताहाल हैं। ये सड़कें शासन के दावों की पोल खोल रही हैं। खास बात तो यह है कि गड्ढों में तब्दील हो चुकीं इन सड़कों के निर्माण के लिए सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी, उनकी गाड़ियां भी इन्हीं सड़कों में बने गड्ढों से होकर निकलती हैं, जबकि योगी सरकार ने सत्ता में आते ही सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान दिया था।

मुजफ्फराबाद समाचार

अब तो यह बोलना भी आसान नही होगा
संभल कर चलिए सड़क नहीं गड्ढों में सड़क है़


मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के गड्ढा मुक्त सड़क के आदेश अफसरों के लिए बेईमानी साबित हो रहे हैं। गड्ढामुक्त बनाने के लिए गंभीर नहीं हैं। हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। आपको बताते चले की विकास खण्ड मुजफ्फराबाद को सीधा जुड़ने वाली सड़क की हालत इतनी खस्ता हुई पड़ी है़ लोगो को  पैदल चलना भी मुश्किल सा हो गया है 


मुजफ्फराबाद विकास खण्ड के मैन गेट से लेकर मैन बाजार तक की सड़क की हालत इतनी भयंकर हुई पढ़ी है़ ग्रामीणो चलना भी मुहाल हो रहा है इतना नही जब भी मुजफ्फराबाद क्षेत्र मे बारिश होती है़ सड़क को पहचानना भी मुश्किल सा हो जाता है यह वही मुजफ्फराबाद के विकास खण्ड की तस्वीरे है़ जो 98 ग्राम पंचायत को जोड़ती है़


यही से फरमान होता है़ उन्ही 98 गाँव  की ग्राम पंचायतों को स्वास्थ व सुंदर बनाने का लेकिन आप कैसे यकीन कर पाओगे उन्ही 98 ग्राम पंचायतो मे कितना विकास हो पाया होगा इतना नही जिम्मेदार अधिकारी बे खबर है़ वो कुछ बड़े हादसों के इंतेज़ार मे है!