रिपोर्टर-अब्दुल बारी राइन


सहारनपुर :- मुजफ्फराबाद में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अस्पतालों में लोगों की भीड़ बढ़ रही है. कोरोना टेस्ट कराने पहुंच रहे लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं. अस्पतालों में ही कोविड 19 गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. यह कोरोना विस्फोट का जरिया बन सकती हैं. ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अस्पताल खुद कोरोना के सुपर स्प्रेडर बन गए हैं?
लॉकडाउन लगने के बावजूद संक्रमण और मौत के आंकड़े थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. सर्दी-खांसी के अलावा फीवर से जूझ रहे मरीज अस्पतालों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं. जहां उन्हें कोरोना जांच कराना अनिवार्य है. ऐसे में बिना सोशल डिस्टेंसिंग की ये कतारें चौंकाने वाली हैं. जिसे देखकर यह सवाल जरूर उठता है कि कहीं अस्पताल ही तो कोरोना के सुपर स्प्रेडर नहीं बन रहे हैं, 

लोगों की लापरवाही से फैल रहा संक्रमण सामान्य सर्दी और फ्लू के साथ ही कोरोना के मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन सतर्क है, लेकिन अस्पतालों में मरीज कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं मुजफ्फराबाद प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में भीड़ बहुत रहती है. एक-दूसरे से सटकर लोग खड़े रहते हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते और मास्क भी नहीं लगाते, जिसकी वजह से संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है.