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Saturday, 28 November 2020

देहरादून पूरी तरह बंद रहेगा! शॉपिंग-मॉल पर भी लागू होगी साप्ताहिक बंदी
November 28, 2020 by

 


देहरादून/उत्तराखंड

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरोना की चेन को ब्रेक करने के लिए अब राजधानी देहरादून में संडे को कंप्लीट साप्ताहिक बंदी रहेगी (जिलाधिकारी) आशीष कुमार श्रीवास्तव ने नगर मजिस्ट्रेट सहित सभी (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों निर्धारित साप्ताहिक बन्दी का कड़ाई से पालन करवाने और आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं


साप्ताहिक बंदी के दिन नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश, सहित समस्त नगर पालिका परिषदों को व्यापक सफाई अभियान के साथ ही सैनिटाईजेशन कराने के निर्देश दिए हैं त्योहारी सीजन को देखते हुए पिछले कुछ समय साप्ताहिक बंदी के दौरान भी बाजार खोलने की छूट दी गई थी त्योहारी सीजन खत्म होने के साथ ही अब कोरोना के मामले भी तेजी से समाने आ रहे हैं इसको देखते हुए प्रशासन ने फिर से सख्ती शुरू कर दी है साप्ताहिक बंदी के दिन बाजार पूरी तरह बंद रखने को कहा गया है इस दौरान आवश्यक सेवाएं खुली रहेंगी अब तक साप्ताहिक बंदी से बड़े शॉपिंग-मॉल, डिपार्टमेंटल स्टोर को खुला रखने की छूट थी लेकिन अब उनको भी बंद रखा जाएगा देहरादून में रविवार की साप्ताहिक बंदी के अलावा जिले के डोईवाला, प्रेमनगर, विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, में साप्ताहिक बंदी को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं! 


Tuesday, 24 November 2020

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आए ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल-ऑनलाइन कंटेंट व प्रोग्राम, सरकार ने जारी की अधिसूचना
November 24, 2020 by

 



नई दिल्ली : देश में चलने वाले ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल और ऑनलाइन कंटेंट प्रोग्राम अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आएंगे। इसकी अधिसूचना केंद्र सरकार की ओर से आज जारी की गई है। केंद्र सरकार ने बुधवार को ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलों, ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडरों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने से जुड़ा आदेश जारी किया। इसके तहत, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन फिल्मों के साथ ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम, ऑनलाइन समाचार और करंट अफेयर्स के कंटेंट आएंगे।

आपको बता दें  केंद्र सरकार ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में वकालत की थी कि ऑनलाइन माध्यमों का नियमन टीवी से ज्यादा जरूरी है। अब सरकार ने ऑनलाइन माध्यमों से न्यूड़ या कंटेट देने वाले माध्यमों को मंत्रालयों के तहत लाने का कदम उठाया है।



सरकार ने SC में क्या कहा था?

सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को रेगुलेट करने की जरूरत पर जोर दिया था। इस पर केंद्र सरकार ने अदालत में कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए मानक तय करने हैं तो पहले डिजिटल मीडिया के लिए नियम कानून बनाए जाने चाहिए। इसके पीछे सरकार ने तर्क देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए पहले से गाइडलाइन मौजूद हैं, वहीं डिजिटल मीडिया की पहुंच बहुत अधिक होती है, उसका असर भी ज्यादा होता है।


डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को भी प्रिंट और टीवी के संवाददाताओं जैसा लाभ


इससे पहले सरकार ने देश में काम करने वाले डिजिटिल मीडिया के पत्रकारों के लिए एक सुविधा दी थी। केंद्र सरकार ने कहा था कि वह डिजिटल मीडिया निकायों के पत्रकारों, फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों को पीआईबी मान्यता जैसे लाभ देने पर विचार करेगी। यही नहीं सरकार ने यह भी कहा था कि वह इन पत्रकारों, फोटोग्राफरों, वीडियोग्राफरों को आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में भागीदार की पहुंच देने पर भी गौर करेगी। सरकार ने डिजिटल मीडिया निकायों से अपने हितों को आगे बढ़ाने और सरकार के साथ संवाद के लिए स्वय नियमन संस्थाओं का गठन करने को कहा है।