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Saturday, 31 October 2020

देश में आज से शुरू हुआ अनलॉक 6.0, राज्यों में कंटेनमेंट जोन के बाहर अन्य गतिविधियों को बढ़ाने के साथ भारत में अनलॉक की शुरुआत हो गई
October 31, 2020 by


दिल्ली में अपनी पूरी क्षमता से चलेंगी बसें

मुंबई में दौड़ेंगी 610 और लोकल ट्रेनें, गोवा में फिर से खुलेंगे कसिनो

यूपी में फिर से देख पाएंगे बाघ, खुलेगा दुधवा नेशनल पार्क

काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में हाथी सफारी, वैष्णो देवी मंदिर में 15 हजार तीर्थयात्रियों को दर्शन करने की होगी अनुमति


नई दिल्ली ।     देश में कोरोना वायरस का प्रकोप अब भी जारी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पहले की तुलना में अब दैनिक मामलों में गिरावट जारी है। इसे देखते हुए सरकार चरणबद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया लागू कर रही है। इसी कड़ी में, आज से भारत में अनलॉक 6.0 की शुरुआत हो रही है। राज्यों में कंटेनमेंट जोन के बाहर अन्य गतिविधियों को बढ़ाने के साथ भारत में अनलॉक की शुरुआत हो गई है। इस सप्ताह की शुरुआत में, गृह मंत्रालय ने कहा था कि कोई और ढील नहीं दी जाएगी और पिछले महीने जारी किए गए अनलॉक 5.0 दिशानिर्देश 30 नवंबर तक लागू रहेंगे। अनलॉक 1 की प्रक्रिया की शुरुआत एक जून से हुई थी। इसके बाद हर अनलॉक में सख्त मानक संचालन के साथ रेस्तरां, सिनेमा हॉल, जिम, मॉल, स्कूल, स्विमिंग पूल, धार्मिक स्थान और मेट्रो रेल सेवाओं की गतिविधियों को दिशानिर्देशों के साथ खोलने की अनुमति है। एक नवंबर से राजधानी दिल्ली में बसें अपनी पूरी क्षमता से चलेंगी और पश्चिम रेलवे मुंबई में अतिरिक्त लोकल ट्रेनों का संचालन करेगी। दिल्ली से और इसके लिए अंतरराज्यीय बस सेवाओं के भी आज से खुलने की संभावना है। इसके अलावा, गोवा अपने कसिनो को खोलेगा, उत्तर प्रदेश में दुधवा टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खुलेगा, असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान हाथी सफारी और जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी मंदिर फिर से खुलेगा और अबकी बार अधिक तीर्थयात्रियों को अनुमति देगा। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शनिवार को कहा था कि यात्रियों को एक नवंबर से डीटीसी बसों की सभी सीटों पर बैठने अनुमति दी जाएगी। संशोधित आदेश के अनुसार, यात्रियों को यात्रा के दौरान फेस मास्क पहनना अनिवार्य है और किसी भी यात्री के दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर स्कीम की बसों में खड़े होने की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों को शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है।

Saturday, 24 October 2020

भारत की एक खतरनाक चोटी माउंट फ्रेंडशिप 5258 मीटर फतेह कर लहराया 50 फीट का भारतीय ध्वज
October 24, 2020 by


सहारनपुर के लाल ने रच दिया इतिहास

भारतीय इतिहास में पहली बार किसी चोटी पर इतना बड़ा तिरंगा लहराया गया


पर्वतारोहण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर चमका सहारनपुर का नाम


सहारनपुर/उत्तर प्रदेश

माउंट स्टोक कांगड़ी फतेह कर वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने वाले सहारनपुर के पर्वतारोही रिहान नदी में एक बार फिर इतिहास रच दिया है जिन्होंने भारत की एक और खतरनाक चोटी माउंट फ्रेंडशिप को 21 अक्टूबर को 10:49 पर फतह किया है और इस चोटी पर 50 फीट का भारतीय ध्वज फहरा कर इतिहास रच दिया है।

50 फ़ीट भारतीये ध्वज  जो भारतीय इतिहास में किसी चोटियों पर फहराए गए  ध्वजों में अब तक का सबसे बड़ा ध्वज है।

इडियन एडवेंचर फाउंडेशन के 5 पर्वतारोही आकांक्षा, रिहान अली,, प्रशांत,,छेरिंग,, संजय सिंह, ने 18 अक्टूबर को माउंट फ्रेंडशिप पर चढ़ाई शुरू की थी। जिनका पहला पड़ाव कैम्प 1 मे हुआ, और दूसरे दिन अपने पूरे इक्विपमेंट,, व समान के साथ बेस कैंप पहुंचे। आपको बता दे इन पांचों पर्वतारोहियो ने ये मिशन एलपाइन( बिना किसी गाइड) के पूरा किया।

बेस कैम्प से एडवांस कैम्प पहुचं कर पांचों ने 21 अक्टूबर को सुबह 4: 30 पर फतह के लिए चढ़ाई शुरू की और मुश्किल हालात का सामना करते हुए  सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर 5258 mtr की ऊंची चोटी माउंट फ्रेंडशिप फतह की और चोटी पट 50 फ़ीट का झंडा लहराकर इतिहास रच दिया 

भारतीये इतिहास में इतना बड़ा भारतीये ध्वज किसी चोटी पर पहली बार लहराया गया है।

इस मिशन में इंडियन एडवेंचर फाउंडेशन ने 4 राज्यो को चयनित किया जिसमें हिमाचल प्रदेश से छेरिंग,, उत्तर प्रदेश से रिहान अली,, राजस्थान से आकांक्षा और संजय सिंह,, ओडिशा से प्रशांत,, ने प्रतिभाग किया।

चोटी फतह कर पांचों पर्वतारोहियो ने 50 फ़ीट का भारतीये ध्वज फहराया कर भारत भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।

पर्वतारोही रिहान अली की चोटी फतह की खबर सुनते ही सहारनपुर वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई सब एक दूसरे को बधाई देकर खुशियां मनाने लगे।

Saturday, 17 October 2020

19 अक्टूबर से सभी शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन होगा : जिलाधिकारी
October 17, 2020 by


विद्यालयों में कोविड-19 की गाइडलाईन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं -अखिलेश सिंह



सहारनपुर : जिलाधिकारी श्री अखिलेश सिंह ने कहा है कि वैश्विक माहमारी के चलते सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप 19 अक्टूबर से समस्त शिक्षा बोर्ड के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन का कार्य प्रारम्भ किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानाचार्य सुनिश्चित कर लें कि विद्यालयों को दो पालियों में चलाया जाए तथा दिन में दो बार विद्यालय को सैनिटाइज कराया जाए। अभिभावकों की बिना सहमति के बच्चों को प्रवेश न दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी प्राईमरी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए है कि विद्यालय के नियमित सम्पर्क में रहे, कोई भी विषम परिस्थिति पर तत्काल प्रभावी कार्रवाही की जाए।

श्री अखिलेश सिंह आज यहां तहसील सदर सभागार में माध्यमिक शिक्षा के विद्यालय के प्रधानाचार्य को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की गाइडलाईन का सख्ती से पालन कराते हुए सभी बोर्ड के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन का कार्य शुरू कराएं। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा लाये गये सहमति के पत्रों पर अभिभावकों को विद्यालय में बुलाकर सहमति प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक व शैक्षिणक कर्मचारियों की कोविड जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि रोस्टर के अनुसार सभी विद्यालयों में कोविड-19 की जांच कराई जायेंगी। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय छात्रों को स्कूल लाने वाली बसों को दिन में दो बार सैनेटाइज करायेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।

जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य को आह्वान किया कि वे बच्चों को मास्क पहनने, दो गज की दूरी तथा नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं व बालिकाओं के सुरक्षा व स्वावलम्बन के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए बालिकाओं को सरकार द्वारा महिला व बालिका उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी जाए। साथ ही जो लाभार्थीपरक योजना हो उससे ऐसी बालिकाओं को लाभान्वित भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानाचार्य अपने विद्यालयों में सैनेटाइजर, थर्मल स्कैनर खरीद लें तथा छात्रों, शिक्षकों तथा शैक्षिणक कर्मचारियों की नियमित जांच कराते रहें।

जिला विद्यालय निरीक्षक श्री अरूण कुमार दूबे ने कहा कि सभी शिक्षा बोर्ड के विद्यालय दो पालियों में खुलेंगे। पहली पाली में कक्षा 9 से 10 तथा दूसरी पाली में कक्षा 11 से 12 के छात्रों की पढ़ाई होगी। उन्होने कहा कि जो विद्यालय माॅस्क नहीं खरीद सकते है, उन्हें मास्क उपलब्ध कराए जायेंगे। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्य ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि केवल 10 से 12 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने को तैयार है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रधानाचार्य ने बताया कि ग्रामीण अभिभावक अधिक संख्या में बच्चों को विद्यालय भेजने को तैयार है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री प्रेम चंद , नगर मजिस्ट्रेट श्री सुरेश कुमार सोनी सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी व विभिन्न संस्थाओं के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।


Thursday, 8 October 2020

देहरादून बाईपास से यमुनानगर आने जाने वाले वाहन बाईपास मार्ग से जायेंगे : जिलाधिकारी
October 08, 2020 by


जनपद की यातायात व्यवस्था को सुद्ढ़ करने के लिए 

पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश

सहारनपुर : जिलाधिकारी श्री अखिलेश सिंह ने कहा है कि जनपद की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए देहरादून बाईपास से यमुनानगर हरियाणा राज्य की और जाने वाले वाहनों का आवगमन प्रभावी रूप से संचालित कर दिया गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए है कि देहरादून से यमुनानगर तथा युमनानगर से देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को बाईपास मार्ग से ही जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि बाई पास से शहर की ओर केवल खाद्य सामग्री वाहन यथा- राशन, सब्जी, दूध, दवाई, पैट्रोल, डीजल, गैस सिलेन्डर, यात्री बसें आदि) को छोडकर अन्य वाहनों के आने की अनुमति नहीं होगी।

श्री अखिलेश सिंह ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समस्त थाना प्रभारियों तथा प्रभारी उप निरीक्षक यातायात को निर्देश दिए है कि बाईपास से शहर की ओर आने वाले प्रवेश मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहनों को आने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अम्बाला की ओर से आने वाले समस्त वाहन (ट्रक/टैªेक्टर ट्राली/कार) आदि जिन्हे देहरादून की ओर जाना है वे सरसावा से बाईपास पर होते हुये जायेंगे। गागलहेडी की ओर से आने वाले समस्त वाहन (ट्रक/टैªेक्टर ट्राली/कार) आदि,जिन्हे यमुनानगर/अम्बाला की ओर जाना है, वे गागलहेडी बाईपास कट से हाईवे पर होते हुये जायेंगे। इसी प्रकार दिल्ली/शामली की ओर से आने वाले सभी वाहन (ट्रक/टैªेक्टर ट्राली/कार) आदि जिन्हंे अम्बाला/देहरादून की ओर जाना है वेे चुन्हेटी बाईपास सर्विस रोड से हाईवे पर होते हुये जायेंगे।

 जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि नागल की ओर से आने वाले समस्त वाहन (ट्रक/टैªेक्टर ट्राली/कार) आदि जिन्हे देहरादून/अम्बाला की ओर जाना है, वे लाखनौर से बाईपास सर्विस रोड से हाईवे पर होते हुये जायेंगे। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी गागलहेडी बाईपास कट से शहर प्रवेश मार्ग पर अनुपालन करायेंगे, कि किसी भी प्रकार का भारी वाहन (खाद्य सामग्री वाहन जैसे- राशन, सब्जी, दूध, दवाई, पैट्रोल, डीजल, गैस सिलेन्डर, यात्री बसें आदि) को छोडकर  जिन्हे यमुनानगर/अम्बाला की ओर जाना है, उन्हे बाईपास पर संचालित करायेंगे। इसी प्रकार थाना प्रभारी सरसावा, बाईपास से शहर प्रवेश मार्ग पर अनुपालन करायेंगे कि किसी भी प्रकार का भारी वाहन (खाद्य सामग्री वाहन जैसे- राशन, सब्जी, दूध, दवाई, पैट्रोल, डीजल, गैस सिलेन्डर, यात्री बसें आदि) को छोडकर  जिन्हे देहरादून की ओर जाना है, उन्हे बाईपास से ही संचालित करायेंगे। थाना प्रभारी रामपुर मनिहारान चुन्हेटी बाईपास सर्विस रोड पर अनुपालन करायेंगे कि किसी भी प्रकार का भारी वाहन (खाद्य सामग्री वाहन जैसे- राशन, सब्जी, दूध, दवाई, पैट्रोल, डीजल, गैस सिलेन्डर, यात्री बसें आदि) को छोडकर  जिन्हे देहरादून/अम्बाला की ओर जाना है, उन्हे बाईपास से ही संचालित करायेंगे। थाना प्रभारी नागल लाखनोर बाईपास सर्विस रोड पर अनुपालन करायेंगे कि किसी भी प्रकार का भारी वाहन (खाद्य सामग्री वाहन जैसे- राशन, सब्जी, दूध, दवाई, पैट्रोल, डीजल, गैस सिलेन्डर, यात्री बसें आदि) को छोडकर  जिन्हे देहरादून/अम्बाला की ओर जाना है, उन्हे लाखनोर बाईपास से ही संचालित करायेंगे। 

 श्री अखिलेश सिंह ने अधिकारियों को कहा है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी।

स्मार्ट सिटी एवार्ड के लिए चुने गए प्रदेश के चार शहरों में सहारनपुर शामिल..
October 08, 2020 by


सहारनपुर
। इंडियन स्मार्ट एवार्ड कांटेस्ट-2020 के लिए पूरे देश में सहारनपुर सहित तीस स्मार्ट सिटी का चयन किया गया है। देश भर के स्मार्ट सिटी के लिए चयनित सभी सौ शहरों में से प्रथम चरण में इन तीस शहरों का चयन किया गया है। उत्तर प्रदेश से सहारनपुर सहित केवल चार शहरों का चयन हुआ है। अंडर आई एस ए सी इंडियन स्मार्ट एवार्ड कांटेस्ट-2020 के लिए स्मार्ट सिटी में चयनित देश के सभी सौ शहरों ने भागेदारी की थी। इन शहरों से 25 मार्च से 31 अगस्त तक यानि लाॅक डाउन के दौरान किये गए कार्यो के संबंध में विवरण मांगा गया था।

जिसमें लाॅक डाउन में कोरोना को लेकर चलाये गए जागरुकता कार्यक्रमों, कम्युनिटी किचन व भोजन वितरण, टेली मेडिसिन,सफाई व सेनेटाईजेशन आदि किये गए कार्यो के फोटो, वीडियो, सिटी एडवाईजरी कमेटी की बैठकों आदि का विवरण शामिल था। नगरायुक्त व स्मार्ट सिटी के सीईओ ज्ञानेन्द्र सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्मार्ट सिटी में चयनित सौ शहरों में से प्रथम चरण में तीस शहरों का चयन किया गया है।

इन तीस शहरों में सहारनपुर भी शामिल है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से केवल चार शहरों का चयन किया गया है। इनमें सहारनपुर के अलावा अन्य तीन शहरों में वाराणसी, आगरा और अलीगढ़ शामिल है। ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि अब दूसरे चरण के लिए चयनित सभी तीस शहरों को उक्त कार्यो के विवरण की एक समरी तथा कुछ अन्य जानकारियां भेजी जायेगी। उसके आधार पर पहले, दूसरे व तीसरे नंबर पर आने वाले स्मार्ट सिटी को पुरस्कृत किया जायेगा।

Wednesday, 7 October 2020

पराली जलाने वालों के विरूद्ध दण्ड़ात्मक कार्रवाही होगी : अखिलेश सिंह
October 07, 2020 by


पराली के धुएं से कोरोना वायरस का असर और 

घातक हो सकता है : जिलाधिकारी

सहारनपुर : जिलाधिकारी श्री अखिलेश सिंह ने किसानों का आह्वान किया कि वे पराली/गन्ने की पाती न जलायें। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पर्यावरण विशेषज्ञ का कहना है कि पराली जलाने से पैदा हुआ धुआं लोगों के श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धुएं से कोरोना वायरस का असर और घातक हो सकता है। उन्हांेने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी गन्ने की पाती व धान की पराली जलने न पायें। उन्होंने कहा कि जहां भी ऐसी घटना हो तत्काल सम्बधिंत के विरूद्ध नियमानुसार दण्ड़ात्मक कार्रवाही की जाएं।

 श्री अखिलेश सिंह आज यहां कलेक्ट्रेट सभागार में गन्ना पाती व धान की पराली के प्रबन्धन के संबंध में कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के वैकल्पिक प्रबंध नहीं किए गए तो प्रदूषणकारी तत्व, कार्बन मोनोऑक्साइड और मीथेन जैसी जहरीले गैसों के कारण श्वसन संबंधी गंभीर समस्याओं में बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके चलते कोविड-19 के हालात और बिगड़ने की संभवाना को बल मिलेंगा। क्योंकि कोरोना वायरस श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। उन्होंने निर्देश दिए कि गन्ने की पाती व धान की पराली जलाने से रोकने का पर्याप्त प्रयास किया जाये। इससे संबंधित कोई भी घटना घटेगी तो संबंधित के प्रति उचित वैधानिक कार्यवाही की जाये। किसी प्रकार की कोई लापरवाही क्षम्य नही होगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वालों की सैटेलाइट द्वारा निगरानी होगी। उन्होने कहा लेखपाल अपने भ्रमण के समय किसानों को पराली से होने वाले नुकसान के बारे में जरूर बताएं। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 एस0चेनप्पा ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए है कि वे अपने क्षत्र में यह सुनिश्चित करें कि पराली जलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में लोगों को यह भी बताना जरूरी है कि रात में पराली में आग न लगाई जाये। पराली के जहरीला धुंआ मानव जीवन के लिए घातक है। 

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने कहा कि समिति के माध्यम से जितना ज्यादा जलसा व संवाद करेंगे उतनी प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि जनपद में ब्लाक स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

उप कृषि निदेशक राम जतन मिश्र ने कहा कि पराली प्रबन्धन के विषय में कृषकों को जागरूक करने हेतु क्षेत्रीय कार्यकत्र्ताओं के माध्यम से कृषक को जागरूक किया जा रहा है। और अग्रणी कृषकों के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा सामुदायिक रेडियो केन्द्र से कृषकों केा जागरूक किया जायेगा। ग्राम पंचायतों में मुनादी करायी जा रही है। और वाल पेन्टिंग करायी जा रही है। आॅनलाइन क्लासों में शिक्षा विभाग द्वारा पराली के संबंध में विद्यार्थियों को अवगत कराया जा रहा है।

बैठक में एसपी टैªफिक प्रेमचन्द, एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह, एसडीएम नकुड हिमांशु नागपाल, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, परियोजना निदेशक दुष्यन्त कुमार सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार दुबे तथा विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।


Tuesday, 6 October 2020

झोला छाप डॉक्टर कर रहे हैं मरीजों की जान से खिलवाड़
October 06, 2020 by


मरीज की हालत बिगड़  जाने पर करते हैं जिला अस्पताल  रेफर

बेहट/सहारनपुर

बेहट क्षेत्र के गाँव गाँव में झोला छाप डाक्टरों  की  भरमार है चाय की गुमटियो जैसी दुकानों  में  झोला  छाप  डॉक्टर  मरीजों  का  इलाज कर रहे  हैं मरीज चाहे उल्टी  दस्त  या बुखार से पीडित  हो या अन्य  कोई  और बीमारी  से  सभी  बीमारियों  का  इलाज यह झोला छाप  डॉक्टर  करने को तैयार रहते हैं  मरीज  के मरने जीने से इनको कोई  मतलब  नहीं  इनको सिर्फ  अपनी  तिजोरियां  भरने  से मतलब  है मरीज  की  हालत  बिगड़ जाने पर उसे आनन फानन एसे डाक्टर  के पास  रैफर  करते हैं जहां  कमीशन  मिले लैब  वालों  से  सेटिंग  गेटिंग कर के रखते हें  आजकल  उनकी भी चांदी कुट रही है  ग्रामींण क्षेत्र  मे डाक्टरों से बात बनाकर रख्खी है हल्का  फुल्का  बुखार  हुआ झोला  छाप डॉक्टर  फौरन बोलता है उस लैब  पर जाओ मेरा नाम बोलदेना मरीज जाता है लैब में उसका  सैमपल  लिया जाता  है टाइफायड मलेरिया प्लेट लेट्स कम बताना आम सी बात होगई है फिर झोला छाप डॉक्टर का दौर शुरू होता मरीज  से 15 से 20 दिन  का इलाज  बोलते हैं  और बोतले चढाते हें और राम भरोसे इलाज शुरू करदेते  है ख़ूब  मोटा  पैसा  वसूला जाता है गाँव  के डाक्टर बिना लाइसेंस के दवाओं  का  भंडारण भी करते हैं बिना पंजीकरण के एलोपैथी चिकित्सा वयवस्था ही  नहीं किया जारहा  है बल्कि बिना ड्रगस  लाइसेंस के दवाओं  का  भंडारण  बिक्री  भी  अवैध  तरीके से  किया जारहा है दुकान के अन्दर  कार्टून  दवाओं के भरे रहते  हैं इन दिनों  मौसमी  बीमारियों का कहर है झोला  छाप  डॉक्टरों  की  दुकानें  मरीजों  से भरी पड़ी हैं मौसम  बदलने  से  उल्टी  दस्त  बुखार  जैसी बीमारियां पनप रही है ग्रामींण क्षेत्र में डाक्टर इसका  फायदा उठा कर मरीजों  के  साथ  लूट खसोट मे लगे हैं केस बिगड़  जाने पर  हाथ खड़े कर देते है और सहारनपुर रैफर कर देते है कमाल की  बात ये है केसा  भी मरीज  जाए  सब का इलाज तुरन्त पकड़ते हैं अब देखना यह है स्वास्थ विभाग इनपर क्या कार्रवाई करता है विभाग को चाहिए के ऐसे डॉक्टरों की जांच कर उचित कार्रवाई करे गरीब जनता कब तक इनके जाल में फंसती रहेगी

Monday, 5 October 2020

ब्लॉक मुजफ्फराबाद में राशन डीलर का चुनाव हुआ संपन्न
October 05, 2020 by


आपको बता दे मुजफ्फराबाद में इससे पहले चुनाव लड़ रहे दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के विवाद के चलते दो बार चुनाव निरस्त हो गया था।  

इस बार मुजफ्फराबाद में राशन डीलर कें तीन महिला प्रत्याशी थी प्रत्याशी दीपा पत्नी शुभम कश्यप को 362 वोट मिले दूसरी प्रत्याशी मोबीना पत्नी मौ. सादिक को 284 वोट मिले वही तीसरी प्रत्याशी शाइस्ता को 213 वोट मिले। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस तैनात रही। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने पर स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। गांव मुजफ्फराबाद राशन वितरण पिछले कई माह से निरस्त चल रही थी। जिसको लेकर ग्रामीणों में एकमत सहमति न बन पाने कें कारण राशन डीलर का चुनाव हुआ हैं 

राशन डीलर चुनाव में कई प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई 

चुनाव प्रभारी चमन सिंह एडीओ समाज कल्याण, सचिव राजेश कंबोज, प्रवीण बाबु' जावेद राजपूत प्रधान पति शमीम अहमद की मौजदूगी वोट डाले गये। 


चुनाव सुबह करीब 11 बजे से शुरू होकर एक बजे समाप्त हुआ साथ हीं मतगणना कराई गई मतगणना में 362 वोट दीपा पत्नी शुभम कश्यप मिले जबकि इनके सामने खड़ी प्रत्याशी ने इन्हे समर्थन कर दिया था वहीं मोबीना पत्नी मौ. सादिक को 284 वोट मिले इनके सामने खड़ी प्रत्याशी शाइस्ता पत्नी मुरसलीन को 213 वोट मिले । आपको बता दे की पहले भी चुनाव को लेकर समर्थकों में विवाद होने के चलते चुनाव नहीं हो सका था। इस बार राशन डीलर चुनाव को पुलिस व प्रशासन ने चुनौती के रूप में लिया। चुनाव को शांतिपूर्ण निपटाने के लिए थानाध्यक्ष मनोज चौधरी, चार एसआई, एक दर्जन पुलिसकर्मी, आधा दर्जन महिला सिपाही मौजूद रहे। सौमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीनों प्रत्याशियों के समर्थकों ने अपने मत का प्रयोग किया! 

दीपा पत्नी शुभम को 362 वोट मोबीना पत्नी सादिक को 284 वोट से विजयी घोषित कर दिया।इसकी पुष्टि सचिव राजेश काम्बोज ने की है। इस मौके पर एडीओ चमन सिंह समाज कल्याण , सचिव विवेक कुमार, ग्राम प्रधान पति मौलाना शमीम , मुजफ्फराबाद चौकी इंचार्ज रोहन सिंह आदि मौजूद रहे।