✍अफ़ज़ल अली 

बेहट/सहारनपुर

ग्रामीणों ने लगाए हल्का लेखपाल पर सेटिंग-गेटिंग कर अवैध रूप से पट्टे अलॉट करने के गम्भीर आरोप


धार्मिक स्थल की भूमि से झंडा उखाडने को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर रोष व्यक्त करते हुए उक्त भूमि पर मंदिर स्थापना कराये जाने की मांग की है।

कोतवाली बेहट के गांव रसूलपुर -कवादपुर में ग्राम समाज की खाली पडी भूमि पर बाल्मिकी समाज के लोग करीब 30 वर्षों से धार्मिक ध्वज लगाकर पूजा पाठ करते आ रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि  उक्त जमीन ग्राम समाज की है  जिस पर कुछ दबंग लोग पैसे के बल पर कब्जा करना चाहते हैं क्योंकि हल्का लेखपाल ने सेटिंग-गेटिंग कर अवैध तरीके से  कुछ दबंगों के नाम पट्टे अलॉट कर दिए हैं जबकि खसरा खतौनी में यह जमीन आज भी खाली दर्शाई जा रही है  कहीं ना कहीं हल्का लेखपाल की हठधर्मिता एवं सेटिंग-गेटिंग के चक्कर में गांव को सांप्रदायिकता की आग में झोंका जा रहा है।

उक्त भूमि के बराबर में ग्रामीण मीदू, वकील, अनीश, नौशाद व निन्ना आदि का कब्जा है जिस पर कूडा करकट पडा हुआ है।ग्रामीण अरविन्द, सोनू, बलबीर, जसपाल सिंह, बबलू, सुरेशो, पिंकी, गुरमित आदि के अनुसार रविवार को उन्होने ध्वज लगे स्थल के आस पास में जमी घास को साफ किया।तो मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंची तो पुलिस ने वर्षों से लगे ध्वज को उखाड लिया व उक्त स्थान पर यशास्थिति बनाये रखने को कहा।प्रदर्शन कर रहे बाल्मिकी समाज के लोगों का कहना है कि करीब 30 वर्षो से उक्त भूमि पर नियमित पूज़ा पाठ करते आ रहे है।पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों से मिलीभगत कर धार्मिक झंडा उखाडकर हमारी धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचायी है।बाल्मिकी समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने उपजिलाधिकारी बेहट को उक्त भूमि कब्जामुक्त कराये जाने की मांग को लेकर गत माह प्रार्थना पत्र देते हुए आबादी क्षेत्र में पडे गन्दगी एवं कूडा करकट के ढेर हटाये जाने की मांग की थी।