फेबीफ्लू: कोरोना की दवाई को केंद्र की मंजूरी, इलाज के लिए ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने बनाई दवा


🌀कोरोना वायरस के उपचार के लिए दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स की दवा को इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के अनुसार कोरोना वायरस के हल्के संक्रमण से पीड़ित मरीजों पर इस दवा ने अच्छे नतीजे दिए।


▶ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स को केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल गई है। कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को अब ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स की दवा दी जा सकेगी।
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिल्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ग्लेन सल्दान्हा के अनुसार कंपनी ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर को फेबीफ्लू ब्रांड नाम से पेश किया है।

➡आपको बता दें कि ग्लेनमार्क को 19 जून को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से फेविपिराविर या फेबीफ्लू को बनाने और बेचने विनिर्माण की मंजूरी दी गई है।


▶फेबीफ्लू खाने वाली दवा है और इलाज का सुविधाजनक विकल्प है। कंपनी सरकार और चिकित्सा समुदाय के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देश में मरीजों को आसानी से यह दवा मिल सके।
फैबिफ्लू कोविड-19 के इलाज के लिए खाने वाली पहली फेविपिरविर दवा है, जिसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिली है। यह दवा लगभग 103 रुपये प्रति टैबलेट की दर से बाजार में उपलब्ध होगी। 


▶ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कहा कि यह दवा 34 टैबलेट की स्ट्रिप के लिए 3,500 रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर 200 मिलीग्राम टैबलेट के रूप में उपलब्ध होगी।