नई दिल्ली::: लॉकडाउन में भविष्य को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिससे कोरोना वायरस के साथ-साथ हमारी जिंदगी भी चलती रहे. लॉकडाउन 4.0 में साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सुरक्षा का ख्याल रखते हुए कई चीजों में ढील मिलेगी, हालांकि कंटेनमेंट जोन के लिए स्थितियां पहले जैसे ही रहेंगी। लॉकडाउन के चौथे चरण में स्कूल, कॉलेज, मॉल और मूवी थियेटर किसी भी इलाके में नहीं खुलेंगे। वहीं सैलून, नाई की दुकान और स्पा सेंटर को रेड जोन में सावधानी के साथ खोला जा सकता है,

हालांकि कंटेनमेंट इलाके में यह बंद रहेगा। इसके अलावा ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में भी यह खुला रहेगा। लॉकडाउन के चौथे चरण में रेड जोन का दायरा कम करने के साथ सीमित दायरे में हवाई व सार्वजनिक सड़क परिवहन शुरू किया जा सकता है। हालांकि, प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी से देश के हर हिस्से तक पहुंच रहे कोरोना संक्रमण से सरकार की चिंताएं बढ़ी हैं। इस बार लॉकडाउन में राज्य ज्यादा जवाबदेह होंगे और वे अपने यहां अपने ढंग से ग्रीन, ऑरेंज व रेड जोन तय कर सकते हैं। लॉकडाउन का नया चरण 18 मई से शुरू हो रहा है और उसमें सरकार के भारी-भरकम आर्थिक पैकेज पर अमल की शुरुआत भी होनी है।

ऐसे में बढ़ते संक्रमण के बीच कामकाज शुरू करने के लिए दबाव भी है। संक्रमण के लिहाज से तीन जोन- रेड, ग्रीन व ऑरेंज के लिए नियमों में बदलाव किया सकता है। पूरे जिले या पूरे शहर को रेड जोन बनाने की जगह हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में भी सख्ती रखी जा सकती है व बाकी में सीमित कामकाज शुरू किया जा सकता है।

लॉकडाउन के चौथे चरण में ऑटो, बस और कैब सर्विस को इजाजत मिल सकती है. हालांकि, कटेनमेंट जोन में इन पर पाबंदी जारी रहेगी. वहीं, रेड जोन को फिर परिभाषित किया जाएगा. ई-कॉमर्स वेबसाइट को गैर जरूरी सामानों की सप्लाई करने की अनुमति मिल सकती है. अब तक जहां ऑफिस और फैक्ट्रियों में 33 फीसदी कर्मचारियों को ही काम करने की इजाजत थी, इसे बढ़ाकर 50 फीसदी किया जा सकता है।