त्रिवेंद्र सरकार ने दूसरी बार दी राहत की खबर, अब पांच किलो बढ़कर मिलेगा खाद्यान।



देहरादून: कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत खाद्यान्न व अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेश के आम जन को राहत पहुंचाने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा अनेक व्यवस्थाएं की गईं। उन्हें अब 15 किलो के बजाए 20 किलो खाद्यान्न मिलेगा। इसमें गेहूं और चावल 10-10 किलो होंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सचिव सुशील कुमार ने शनिवार को उक्त संबंध में आदेश जारी किए हैं।

राज्य योजना में खाद्यान्न 7.5 किग्रा से बढ़ाकर किया 20 किग्रा

राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत 10.28 लाख परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा तीन माह( अप्रैल-मई जून 2020) हेतु प्रति कार्ड वितरण स्केल को बढ़ाते हुए 20 किलोग्राम खाद्यान्न (10 किलोग्राम गेहूं वह 10 किलोग्राम चावल) प्रति कार्ड करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें राज्य योजना के लाभार्थियों को प्रतिमाह प्रति कार्ड 7.5 किलोग्राम के स्थान पर 20 किलोग्राम राशन उपलब्ध हो सकेगा। जिसका आवंटन करते हुए उत्थान एवं वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा।

राज्य के 23.50 लाख राशन कार्ड धारकों को तीन माह का एडवांस खाद्यान्न

राज्य के सभी लगभग 23.50 लाख राशन कार्ड धारकों के लिए 3 माह ( अप्रैल-मई जून 2020) का एडवांस खाद्यान्न आवंटित करते हुए समस्त 9225 एफपीएस के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है। आतिथि तक 13.47 लाख राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के परिवारों तथा 10.28 लाख राज्य खाद्य योजना के परिवारों को कुल लगभग 7.31 लाख कुंतल खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 13.47 लाख परिवारों को तीन माह तक प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो चावल निशुल्क। 

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के समस्त 13.47 लाख परिवारों को 3 माह हेतु प्रति व्यक्ति प्रति माह निशुल्क 5 किलोग्राम चावल का आवंटन करते हुए माह अप्रैल 2020 हेतु उठान एवं वितरण तत्काल प्रारंभ करते हुए 12.55 लाख परिवारों में 2.88 लाख कुंटल चावल वितरित करते हुए योजना का लाभ निरंतर दिया जा रहा है। माह मई 2020 का वितरण भी 1 मई से प्रारंभ किया गया है। माह जून 2020 का वितरण जून 2020 में किया जाएगा।

राशन की दुकानों से निर्धारित दरों पर आलू और प्याज का वितरण कराया जा रहा है। चार मूल्य नियंत्रण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 5073 राशनकार्डों को डिजिटाइज करते हुए 18108 लोगों को लाभ पहुंचाया गया। राशन की दुकानों पर 23 अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 3969 राशन की दुकानों में अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हैं। वरिष्ठ नागरिकों, बीमारों और असहायों को डोर स्टेप डिलीवरी की जा रही है। एफसीआइ के माध्यम से आटा मिलों को 13775.31 कुंतल गेहूं उपलब्ध कराया गया।

तेल मिलों का भी नियमित संचालन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के व्यापारियों के साथ मिलकर जन आपूर्ति एप के माध्यम से प्रतिदिन करीब 500 से 600 होम डिलीवरी की जा रही है। अब तक राज्य में 48 घंटे की अवधि में 2334 किसानों को गेहूं के लिए 20 करोड़ का भुगतान हुआ है। खरीद केंद्रों पर प्रतिदिन 10 किसानों या 500 कुंतल गेहूं खरीद की सीमा निर्धारित की गई है।

टोल फ्री नम्बर पर शिकायतों का निस्तारण

इसके अतिरिक्त राज्य के उपभोक्ताओं को खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं से संबंधित जानकारी प्रदान करने तथा खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं से संबंधित किसी भी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होने पर अपनी समस्या को दर्ज कराने एवं उसके तात्कालिक निवारण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-180-4188  प्रातः 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित किया जा रहा है। जिसमें अभी तक कुल 838 शिकायत प्राप्त हुई है और 493 का निस्तारण किया जा चुका है।