देवबंद/सहारनपुर
दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस के चलते पीएम मोदी की देशवासियों से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने की अपील का देशभर में असर देखा जा रहा है जहां एक तरफ बाज़ारों में खरीदारों की सोमवार को भारी भीड़ देखी गई वहीं अब पीएम मोदी की इस अपील का मशहूर इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद और दारुल उलूम वक़्फ़ देवबंद ने समर्थन किया है और अपनी संस्था के तमाम दफ्तर और शिक्षणकार्य भी बंद करने का फैसला लिया है। इतना ही नहीं बल्कि अन्य मदरसों ने भी इस का समर्थन किया है।

सोमवार को दारूल उलूम देवबंद में आयोजित ज़िम्मेदारों की एक मीटिंग में फैसला लिया गया है कि रविवार को “जनता कर्फ्यू” की पीएम मोदी की अपील पर दारुल उलूम देवबंद में छुट्टी रहेगी और तमाम दफ्तर बंद रहेंगे। दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ़्ती अबुल क़ासिम नोमानी ने लेटर जारी करके इस कि जानकारी दी है। आप को बता दें केरोना वायरस के चलते दारुल उलूम देवबंद मदरसों की सामूहिक परीक्षा को पहले ही रद्द कर चुका है
उधर दारुल उलूम वक़्फ़ देवबंद के मोहतमिम मौलाना सुफियान क़ासमी ने पीएम मोदी की अपील पर संस्था में छुट्टी रखने का फैसला लिया है। और संस्था के सभी कर्मचारियों व छात्रों को सावधानी बरतने की अपील की है। याद रहे कि दारुल उलूम वक़्फ़ देवबंद ने कोरोना के चलते इस साल के सालाना इम्तिहान निरस्त करने का फैसला लेते हुए संस्था में छुट्टी कर दी है, ये इम्तिहान अब जून 2020 (रमज़ान के बाद) होगें।
बता दें कि भारत में कोविड-19 (Coronavirus/COVID-19) के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र को संबोधित में तेजी से बदले ताजा घटनाक्रम और इससे निपटने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी थी।
मोदी ने अपने संबोधन के दौरान देशवासियों से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने की भी अपील की थी। उन्होंने देशविसयों से वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए साथ आने की अपील की थी।