सहरानपुर /हरिद्वार में झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त, मौसम हुआ ठंडा, सड़कों की खुदाई के कारण कीचड़ से लोगों को हो रही परेशानी, फसलों को नुकसान, जमीन पर बिछ गई गेहूं की फसल


सहरानपुर /हरिद्वार

शनिवार को भी झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। सुबह तेज बारिश हुई। दिनभर बादल घिरे रहे। शाम होते ही फिर से बारिश शुरू हो गई। जबकि देहात में ओलावृष्टि से मौसम ठंडा हो गया। जगह-जगह सड़कों की खुदाई के कारण कीचड़ से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होने के साथ बिजली भी गुल हो गई। शुक्रवार के बाद शनिवार सुबह से ही तेज बारिश शुरू हो गई थी। करीब 10.30 बजे बारिश थमने के बाद धूप निकल गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक मौसम सामान्य रहा। लेकिन कुछ ही देर में आसमान में काले बादल छाए और तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। झमाझम बारिश के साथ ही ठंडी हवाएं चलने से मौसम ठंडा हो गया। इससे शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। लोग अपने-अपने घरों में कैद हो गए। वहीं, तेज हवाएं चलने से आम के पेड़ों से बौर भी झड़ गया। इसके साथ ही शहर के अधिकतर इलाकों में तेज हवाओं से बिजली गुल हो गई। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसानपथरी। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गईं। बारिश के साथ हो रही ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। खेतों में भरे पानी के कारण फसल बर्बाद हो रही है। इस समय गेहूं, सरसों की फसल पकने को तैयार थी। गेहूं की बालियों में दाने पूरे हो चुके थे। ऐसे में बारिश के साथ हवा और ओलावृष्टि से दाने पतले और काले पड़ सकते हैं। किसानों ने इसे आसमानी आफत बताते हुए आपदा घोषित करने की मांग की है।