कोरोना से बचाव को चलाया सफाई अभियान


मनोहरपुर/बिहारीगढ़

 रविवार को ग्राम मनोहरपुर में रहने वाले लोगों ने गाँव व आसपास सफाई अभियान चलाया। लोगों ने स्वच्छता अभियान चलाकर नालियों की सफाई की और अपने आस पास जमा हुए कचरों को जलाकर नष्ट किया। स्वच्छता अभियान का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता राजू कश्यप विधान सभा महा सचिव बसपा पार्टी बेहट कर रहे थे। ग्रामीणों ने आमजनों व दुकान संचालकों से अपील की कि वे अपने घरों एवं दुकानों से निकलने वाली गंदगी को यहां वहां नहीं फेंककर एक स्थान पर एकत्र कर उसका सही व सुरक्षित तरीके से निस्तारण करें। कहा कि कोरोना वायरस से बचाव का एकमात्र तरीका स्वच्छता, सतर्कता एवं जागरूकता है। इस दौरान बबलू कम्बोज विक्की कश्यप विशाल कश्यप मल्हा कम्बोज आदि ग्रामीणों ने भी इसमें सहयोग किया।

स्वच्छ भारत अभियान की उड़ाई जा रही है धज्जियां


केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सरकार के कई दिग्गज मंत्री जगह-जगह सफाई अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर चुके हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अभियान का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन सरकार के इस अभियान की ग्रामीण क्षेत्रों में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए व बे मौसम बरसात जिसके चलते गांवों की नालियों में जलभराव रहता है। नालियों में गंदगी का भी बुरा हाल है। गांव में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन सफाई कर्मचारी गांवों में जाने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्राम पंचायत थापूल इस्माइलपुर क्षेत्र के गांवों में सफाई का बुरा हाल है, क्षेत्र के मनोहरपुर गांव में महिलाओं को खुद अपने घरों की नालियों की सफाई करनी पड़ रही है। वहीं आस पास गांव का भी यही हाल है, वहां भी गांव की नालियां सफाई न होने से गंदगी से भरी हुई हैं।

गांव के सफाई कर्मचारी भी कई माह से गांव में सफाई करने नही आए हैं। यदि सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की इसी तरह धज्जियां उड़ाई जाती रहीं तब केंद्र सरकार का यह सपना कैसे साकार हो पाएगा।
गांव की नालियां कीचड़ से भरी हुई हैं, नियुक्ति के बाद कुछ माह तक तो सफाई कर्मचारी गांव में आए, लेकिन अब गांव में सफाई का बुरा हाल है। लोगों को खुद ही नालियों की सफाई करनी पड़ रही है। ऐसे में सफाई कर्मचारियों का क्या फायदा। गंदगी को देखते हुए जल्द ही गांवों में भी सफाई करवाई जाए।

नालियों में गंदगी ज्यादा होने पर गांव की महिलाएं खुद ही सफाई करने लग जाती हैं। सफाई कर्मचारी तो केवल सरकारी दस्तावेजों में नियुक्त होकर तनख्वाह ले रहे हैं। सरकार को इनकी ओर ध्यान देते हुए सख्त कदम उठाकर जो कर्मचारी सफाई करने नहीं जा रहे हैं, उन पर कार्रवाई करनी चाहिए।